अक्षय तृतीया का क्या है महत्व ? 5 काम जो अक्षय तृतीया पर अवश्य करना चाहिए

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अक्षय तृतीया का क्या है महत्व ? 5 काम जो अक्षय तृतीया पर करना अवश्य करना चाहिए

हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस बार अक्षय तृतीया 14 मई 2021, शुक्रवार के दिन पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया सभी पापों का नाश करने वाली और सभी सुखों को देने वाली शुभ तिथि मानी जाती है। इस तिथि पर किया गया कोई भी शुभ कार्य जरुर सफल होता है। नाम से भी प्रतीक हो रहा है अक्षय फल देने वाली तिथि। इसलिए अक्षय तृतीया के दिन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार, धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए सर्वोत्तम तिथि माना जाता है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदा जा सकता है किंतु सोना खरीदना बिल्कुल भी जरूरी नही है। बल्कि इस दिन कुछ शुभकर्म जरूर करना चाहिए जैसे दान करना, पौधे लगाना, किसी जरूरतमंद की सहायता करना आदि।

अक्षय तृतीया का क्या है महत्व ? 5 काम जो अक्षय तृतीया पर करना अवश्य करना चाहिए

अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को परशुराम जंयती के रूप में भी मनाया जाता है. कहा जाता है अक्षय तृतीया पर दान करने का विशेष महत्व है।

अक्षय तृतीया के दिन ही बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते है और वृंदावन में श्री बाँके बिहारी जी के चरण दर्शन भी केवल इसी दिन प्राप्त होते है।

अक्षय तृतीया के ज्योतिषीय महत्व

अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में स्थित होते है। ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा का विशेष महत्व है। अतः यह वर्ष का सिद्ध मुहूर्त है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ किया जा सकता है।

अक्षय तृतीया का क्या है महत्व ? 5 काम जो अक्षय तृतीया पर करना अवश्य करना चाहिए

अक्षय तृतीया पर किये जाने वाले विशेष कार्य

1- अक्षय तृतीया के अवसर पर सभी शुभकर्म किये जा सकते है किंतु विशेष रूप से इस दिन भगवान विष्णु अर्थात लक्ष्मीनारायण की उपासना की जाती है। प्रातः काल स्नानादि कार्य करके शुद्धता के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करनी चाहिए और उनके मंत्र का जाप करना चाहिए।

2- अक्षय तृतीया के दिन दान करना भी लाभकारी सिद्ध होता है। इस दिन अपनी सामर्थ्यनुसार दान अवश्य करें। इस दिन दान मे गर्मी से संबंधित वस्तुओं का दान बहुत ही शुभ माना गया है। जैसे जल का पात्र, घड़ा, पंखा, छाता, तरबूज आदि।

3- अक्षय तृतीया के दिन नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थान पर रखें और विधिवत पूजन करना चाहिए।

4- अक्षय तृतीया के दिन गंगा जल से स्नान करना शुभ माना गया है।

5- अक्षय तृतीया के दिन भगवान कृष्ण की पूर्ण श्रद्धा के साथ उपासना करें अथवा अपने इष्ट के मंत्रो का जप करें।