डिप्रेशन के ज्योतिषीय कारण और उपाय

April 22, 2022by Astro Sumit0

आज के तेजी से बढ़ते समय में सभी को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पढ़ता हैं। जिसमें कुछ लोग तो इससे लड़ जाते हैं और कुछ लोग बहुत ही जल्दी नकारात्मकता के शिकार हो कर अवसाद (Depression) या मनोरोग के शिकार हो जाते हैं। अधिकतर लोगों को यही कहते सुना हैं कि जिंदगी में सब कुछ हैं, परंतु सुकून नहीं हैं, जिसका कारण यही अवसाद और ग्रहों का कमज़ोर होना हैं। कुछ लोग तो बहुत जल्दी बात को मन से लगा लेते हैं, जिससे उसी बात को लेकर घुटन होती हैं और नकारात्मक सोच के कारण अवसाद में आ जाते हैं। काम की भागदौड़ हो या जीवन में समस्याओं का आना कई बार इंसान डिप्रेशन का शिकार हो जाता है, यानी वह मानसिक अवसाद में आ जाता है। ऐसा होना आम बात है लेकिन कई बार डिप्रेशन इतना अधिक बढ़ जाता है कि वह कुछ समय के लिए अपनी सुध-बुध खो बैठता है। कुछ लोग डिप्रेशन के कारण पागलपन का भी शिकार हो जाते हैं।

ज्योतिष विज्ञान में कुंड़ली के ग्रहों और भावों के माध्यम से हम समझ सकते हैं कि किस योग के कारण हम इस बीमारी के शिकार हो जाते हैं। ज्योतिष में डिप्रेशन का मुख्य कारण चंद्रमा और बुध है क्योंकि चंद्रमा मन का कारक है और बुध बुद्धि का कारक होता है।

चन्द्रमा मन का कारक हैं इसका कमज़ोर या मज़बूत होना किसी की मानसिक अवस्था को दर्शाता हैं। यह भावनायें, प्रेम, प्रतिक्रियायें, मानसिक योग्यता आदि का सूचक हैं। जब किसी भी व्यक्ति का चंद्रमा प्रतिकूल प्रभाव में होगा तो डिप्रेशन होने की पूर्ण संभावना रहती है। वहीं बुध की बात करे तो शिक्षा, मानसिक स्थिति, बुद्धि एवं व्यवहार की समझ को दर्शाता हैं। यदि बुध सकारात्मक स्थिति में नही होगा तो भी डिप्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

आइए जानते हैं कि कुंडली मे वे कौन-सी स्थितियां होती हैं, जो व्यक्ति के अंदर डिप्रेशन को पैदा करती है

कुंडली में यदि लग्नेश अशुभ भावों में स्थित हो या नीच राशि में हो।
कुंडली में यदि चन्द्रमा अशुभ भाव में हो या नीच राशि में हों।
कुंडली में लग्न, लग्नेश या चन्द्र पर राहु या शनि का प्रभाव हो।
कुंडली में शनि चंद्रमा की युति हो या पाप ग्रहों के घर में बैठा हो।
कुंडली में यदि चंद्रमा सूर्य के करीबी भाव में हो।

आइए अब जानते हैं हस्तरेखा के द्वारा डिप्रेशन के लक्षण

मस्तिष्क रेखा पर द्वीप, क्रॉस जैसे अशुभ चिह्न स्थित हों।
मस्तिष्क रेखा यदि कई स्थानों से कटी-फटी दिखती हों।
मस्तिष्क रेखा पीड़ित हो और चंद्र पर्वत तक जाती हो।
मस्तिष्क रेखा को कई सारी रेखाएं शनि पर्वत के नीचे से काट रही हों।

डिप्रेशन की समस्या से बचने के लिए निम्न उपाय करने लाभकारी सिद्ध होते हैं-

डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए प्रायः मोती पहनने से बचें क्योंकि ज्यादातर मामलों में यह लाभ नही देता हैं।

डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए डेली अपने इष्ट की पूजा उपासना ज्यादा से ज्यादा करें। यह एक ऐसा महाउपाय है यदि कोई व्यक्ति ईस्ट की उपासना करता है सही तरीके से तो निश्चित उसको कभी डिप्रेशन नही होगा।

डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए नित्य उगते हुये सूर्य को जल चढ़ाएं।

डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए नित्य प्रात: काल पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाएं, और साथ ही 11 परिक्रमा करे।

डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए भगवान शिव का नित्य पूजन, जल अभिषेक करें।

डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए चांदी के बर्तन का जल पीने के लिए उपयोग करें

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