कब मनाये जन्माष्टमी, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त

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कब मनाये जन्माष्टमी, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त

प्रत्येक वर्ष भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण की बाल स्वरुप में पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य मथुरा में हुआ था। जन्माष्टमी के दिन लोग भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है साथ ही भजन-कीर्तन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते है एवं मध्य रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं।

 

जो व्यक्ति विधिपूर्वक जन्माष्टमी के व्रत को करता है उसे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और उसकी समस्त कामनाएं पूरी होती है इसके साथ ही इस जन्म में सभी प्रकार के सुखों को भोग कर अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है। जो मनुष्य भक्तिभाव से श्रीकृष्ण की कथा को सुनते हैं, उनके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। वे उत्तम गति को प्राप्त करते हैं।

 

शुभ मुहूर्त

इस वर्ष भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 29 अगस्त 2021 को रात्रि 11 बजकर 25 मिनट पर होगा एवं अष्टमी तिथि का समापन 31 अगस्त 2021 को प्रातः काल के पूर्व 01 बजकर 59 मिनट पर होगा। इस बार रोहिणी नक्षत्र 30 अगस्त को प्रातः 06:39 से प्रारंभ होकर 31 अगस्त को प्रातः 09:44 तक रहेगा। अतः जन्माष्टमी 30 अगस्त को मनाया जाने उचित है।